Political Science Chapter 3: Competition and Conflict in Democracy | Bihar Board Class 10 Notes
📘 Bihar Board | Class 10 | Political Science
इकाई 3: लोकतंत्र में प्रतिस्पर्द्धा एवं संघर्ष
Democracy, Competition & Struggle — सरल Self Study Notes, महत्वपूर्ण तथ्य और परीक्षा अभ्यास
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📖 अध्याय का परिचय
इस इकाई में लोकतंत्र में राजनीतिक प्रतिस्पर्द्धा, जनसंघर्ष, सामाजिक आंदोलनों, राजनीतिक दलों की भूमिका, उनके कार्य, चुनौतियाँ और लोकतांत्रिक व्यवस्था में उनकी आवश्यकता को सरल भाषा में समझाया गया है।
अध्ययन तरीका: पहले Notes पढ़ें → महत्वपूर्ण तथ्य दोहराएँ → फिर नीचे प्रश्न पर क्लिक करके उत्तर देखें।
1राजनीतिक दल और लोकतंत्र
लोकतंत्र में राजनीतिक दल जनता और सरकार के बीच सेतु का काम करते हैं। वे चुनावों में उम्मीदवार खड़ा करते हैं, बहुमत मिलने पर सरकार बनाते हैं, विपक्ष में रहकर सरकार को जवाबदेह बनाते हैं और जनता की समस्याएँ सरकार तक पहुँचाते हैं।
2प्रतिस्पर्द्धा एवं जनसंघर्ष का अर्थ
प्रतिस्पर्द्धा तब होती है जब व्यक्ति, दल या समूह किसी लक्ष्य के लिए मुकाबला करते हैं। जनसंघर्ष तब होता है जब जनता अन्याय, असमानता या अधिकारों के हनन के विरुद्ध संगठित होकर आवाज उठाती है। यह आंदोलन, धरना, प्रदर्शन, रैली या सत्याग्रह के रूप में हो सकता है।
3नेपाल और बोलिविया के उदाहरण
नेपाल में राजशाही के विरुद्ध और लोकतंत्र की स्थापना के लिए जनसंघर्ष हुआ। बोलिविया में जल और गैस के अधिकार को लेकर जनता ने आंदोलन किया। ये उदाहरण संगठित जनभागीदारी के महत्व को दिखाते हैं।
4लोकतंत्र में जनसंघर्ष की भूमिका
जनसंघर्ष सरकार को जनता की वास्तविक समस्याओं और माँगों से अवगत कराता है। शांतिपूर्ण विरोध, धरना, रैली और आंदोलन जनता को अपनी बात रखने का अवसर देते हैं और सरकार की जवाबदेही बढ़ा सकते हैं।
5बिहार का छात्र आंदोलन
बिहार का छात्र आंदोलन 1974 में शुरू हुआ और इसे जेपी आंदोलन कहा गया। इसकी शुरुआत पटना विश्वविद्यालय के छात्रों ने भ्रष्टाचार, बेरोज़गारी और महँगाई के खिलाफ की। जयप्रकाश नारायण ने नेतृत्व संभालकर इसे संपूर्ण क्रांति का रूप दिया।
6जयप्रकाश नारायण का नेतृत्व और ‘संपूर्ण क्रांति’
छात्रों ने जयप्रकाश नारायण को नेतृत्व के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने अहिंसक आंदोलन की शर्त पर नेतृत्व स्वीकार किया। आंदोलन में जीवन के विभिन्न क्षेत्रों के लोग जुड़े और जेपी ने ‘संपूर्ण क्रांति’ का आह्वान किया।
7सरकार की प्रतिक्रिया और आंदोलन का विस्तार
सरकार ने इस्तीफा नहीं दिया, लेकिन आंदोलन बिहार से बाहर भी फैल गया। रेलवे कर्मचारियों की हड़ताल ने सरकार पर दबाव बढ़ाया। 1975 में दिल्ली में विशाल संसद मार्च हुआ, जिसे जेपी ने संबोधित किया।
8आपातकाल और लोकतंत्र पर हमला
12 जून 1975 को इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने इंदिरा गाँधी का चुनाव अवैध घोषित किया। 25 जून 1975 को आपातकाल घोषित किया गया। जेपी सहित अनेक नेताओं को जेल भेजा गया और लोकतांत्रिक अधिकारों पर गंभीर प्रतिबंध लगे।
91977 का चुनाव और लोकतंत्र की पुनर्स्थापना
आपातकाल के बाद जनवरी 1977 में लोकसभा चुनाव की घोषणा हुई। जनता पार्टी ने सफलता पाई और इंदिरा गाँधी तथा संजय गाँधी चुनाव हार गए। इससे सत्ता परिवर्तन और जनमत की भूमिका सामने आई।
10क्षेत्रीय आंदोलनों का प्रभाव
द्रविड़ आंदोलन, पंजाब-हरियाणा का गठन, पूर्वोत्तर के आंदोलन तथा छत्तीसगढ़, झारखंड और उत्तराखंड जैसे राज्यों का गठन क्षेत्रीय आकांक्षाओं और आंदोलनों के प्रभाव को दर्शाते हैं।
11चिपको आंदोलन
चिपको आंदोलन 1973 में उत्तराखंड के चमोली जिले में शुरू हुआ। इसका उद्देश्य वनों की अंधाधुंध कटाई रोकना और पर्यावरण की रक्षा करना था। गाँव के लोग, विशेषकर महिलाएँ, पेड़ों से चिपककर उन्हें काटने से रोकती थीं।
12दलित पैंथर्स
दलित पैंथर्स सामाजिक संगठन था, जिसकी स्थापना 1972 में महाराष्ट्र में हुई। इसका उद्देश्य दलितों पर अत्याचार, भेदभाव और असमानता का विरोध करना था। नामदेव ढसाल और राजा ढाले इसके प्रमुख संस्थापक सदस्यों में थे।
13भारतीय किसान यूनियन
भारतीय किसान यूनियन किसानों के अधिकार, लाभकारी मूल्य और कृषि संबंधी समस्याओं को उठाने वाला संगठन था। महेंद्र सिंह टिकैत इसके प्रमुख नेता थे। रैली, धरना, प्रदर्शन और जेल भरो जैसे कार्यक्रमों से माँगें रखी गईं।
14ताड़ी-विरोधी आंदोलन
ताड़ी-विरोधी आंदोलन 1990 के दशक में आंध्र प्रदेश में चला। इसका नेतृत्व मुख्यतः महिलाओं ने किया। इसका उद्देश्य नशे के दुष्प्रभावों का विरोध करना और परिवार तथा समाज को शराब/ताड़ी की समस्या से बचाना था।
15नर्मदा बचाओ आंदोलन
नर्मदा बचाओ आंदोलन 1985 में मध्यप्रदेश से शुरू हुआ। इसने बाँधों से जुड़े पर्यावरणीय नुकसान और विस्थापन के मुद्दे उठाए। मेधा पाटकर, बाबा आम्टे और अन्य कार्यकर्ताओं ने सत्याग्रह, रैली, धरना और जनजागरण का सहारा लिया।
16सूचना के अधिकार का आंदोलन
सूचना के अधिकार आंदोलन राजस्थान से शुरू हुआ। अरुणा रॉय और मजदूर किसान शक्ति संगठन (MKSS) से जुड़े प्रयासों ने सरकारी कामकाज में पारदर्शिता और भ्रष्टाचार के विरुद्ध जनजागरूकता बढ़ाई। इसके बाद 12 अक्टूबर 2005 से सूचना का अधिकार अधिनियम लागू हुआ।
17नेपाल में लोकतांत्रिक आंदोलन
2005 में राजा ज्ञानेन्द्र द्वारा लोकतांत्रिक सरकार को हटाने के बाद अप्रैल 2006 में व्यापक जनआंदोलन हुआ। सेवन पार्टी एलायंस के नेतृत्व में प्रदर्शन हुए। 24 अप्रैल 2006 को राजा ने सर्वदलीय सरकार और संविधान सभा की माँग स्वीकार की तथा संसद बहाल हुई।
18बोलिविया में जल आंदोलन
बोलिविया में जल आपूर्ति का काम एक बहुराष्ट्रीय कंपनी को दिए जाने और पानी की कीमतों में भारी वृद्धि के बाद जनता ने विरोध किया। आंदोलन के दबाव में सरकार को माँगें माननी पड़ीं और कंपनी को हटना पड़ा।
19बांग्लादेश में लोकतंत्र का संघर्ष
1971 में बांग्लादेश स्वतंत्र हुआ। 1975 में शेख मुजीब ने अध्यक्षीय शासन लागू किया और सभी दलों पर प्रतिबंध लगाया। बाद के राजनीतिक संघर्षों के बाद 29 दिसंबर 2008 के चुनावों में लोकतांत्रिक राजनीति की वापसी हुई।
20श्रीलंका में जातीय संघर्ष
श्रीलंका में स्वतंत्रता के बाद तमिल समुदाय के साथ भेदभाव और राजनीतिक उपेक्षा के कारण संघर्ष बढ़ा। तमिलों ने अलग राज्य की माँग की और इससे दीर्घकालीन जातीय संघर्ष पैदा हुआ।
21पड़ोसी देशों में जनसंघर्ष एवं आंदोलन
नेपाल, म्यांमार, पाकिस्तान, बांग्लादेश और श्रीलंका में अलग-अलग समय पर लोकतंत्र, न्यायपालिका की स्वतंत्रता, नागरिक अधिकारों या अल्पसंख्यक अधिकारों से जुड़े जनसंघर्ष हुए।
22राजनीतिक दल का अर्थ
राजनीतिक दल ऐसे लोगों का संगठित समूह है जो चुनावों में भाग लेकर शासन की नीतियों और सत्ता को प्रभावित करने या सरकार बनाने का प्रयास करता है। दल जनता की समस्याएँ उठाते और अपने विचार, नीतियाँ व कार्यक्रम सामने रखते हैं।
23राजनीतिक दलों के कार्य
राजनीतिक दल चुनाव लड़ते हैं, सरकार बनाते हैं, जनमत का निर्माण करते हैं, जनता और सरकार के बीच सेतु बनते हैं, विपक्ष की भूमिका निभाते हैं, नीतियाँ और कार्यक्रम बनाते हैं तथा राजनीतिक शिक्षा देते हैं।
24लोकतंत्र में राजनीतिक दलों की आवश्यकता क्यों?
राजनीतिक दल जनता को विचारों और नीतियों के विकल्प देते हैं, चुनाव कराते हैं, सरकार बनाते हैं, विपक्ष के रूप में जवाबदेही सुनिश्चित करते हैं और नागरिकों को राजनीतिक प्रक्रिया में भाग लेने का अवसर देते हैं।
25राजनीतिक दलों के बीच प्रतियोगिता एवं लोकमत का सशक्तिकरण
राजनीतिक प्रतियोगिता से जनता को विभिन्न विचारों और नीतियों के विकल्प मिलते हैं। इससे दल जनता के हित में योजनाएँ प्रस्तुत करते हैं और नेता जवाबदेह बनने के लिए प्रेरित होते हैं। स्वस्थ प्रतियोगिता लोकमत और जनसहभागिता को मजबूत करती है।
26राजनीतिक दलों का राष्ट्रीय विकास में योगदान
राजनीतिक दल विकास संबंधी नीतियाँ और योजनाएँ बनाते हैं, जनता की समस्याओं को नीति में शामिल कराते हैं और विपक्ष के माध्यम से सरकार को जवाबदेह बनाते हैं। शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, उद्योग और बुनियादी ढाँचे जैसे क्षेत्रों में उनकी भूमिका होती है।
27राजनीतिक दलों के लिए प्रमुख चुनौतियाँ
प्रमुख चुनौतियों में वंशवाद, धनबल और बाहुबल, विचारधारा से विचलन, आंतरिक लोकतंत्र की कमी, भ्रष्टाचार तथा साम्प्रदायिकता और जातिवाद जैसी प्रवृत्तियाँ शामिल हैं।
28राजनीतिक दलों को प्रभावशाली बनाने के उपाय
आंतरिक लोकतंत्र, पारदर्शिता और जवाबदेही मजबूत की जाए; धनबल और बाहुबल पर नियंत्रण हो; युवा और योग्य उम्मीदवारों को अवसर मिले; भ्रष्टाचार पर नियंत्रण हो और सभी वर्गों की समान भागीदारी सुनिश्चित की जाए।
29भारत के प्रमुख राजनीतिक दलों का परिचय
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस, भारतीय जनता पार्टी, CPI, CPI(M), BSP, NCP, समाजवादी पार्टी, JDU, TMC, DMK, AIADMK और शिवसेना जैसे दल भारतीय राजनीति में विभिन्न समय और क्षेत्रों में महत्वपूर्ण रहे हैं।
📌 परीक्षा सारांश
- लोकतंत्र में राजनीतिक दल जनता और सरकार के बीच सेतु का कार्य करते हैं।
- राजनीतिक प्रतिस्पर्द्धा जनता को विभिन्न विचारों और नीतियों के विकल्प देती है।
- जनसंघर्ष जनता को अपने अधिकारों और माँगों के लिए आवाज उठाने का अवसर देता है।
- बिहार का छात्र आंदोलन 1974 में शुरू हुआ और जेपी आंदोलन के नाम से जाना गया।
- जयप्रकाश नारायण ने बिहार आंदोलन को ‘संपूर्ण क्रांति’ का रूप दिया।
- 25 जून 1975 को भारत में आपातकाल घोषित किया गया।
- 1977 के चुनाव में जनता पार्टी की सफलता से सत्ता परिवर्तन हुआ।
- चिपको आंदोलन का उद्देश्य वनों की कटाई रोकना और पर्यावरण की रक्षा करना था।
- दलित पैंथर्स ने दलित अधिकार और सामाजिक न्याय के लिए संघर्ष किया।
- भारतीय किसान यूनियन ने किसानों के अधिकार और कृषि संबंधी मुद्दे उठाए।
- ताड़ी-विरोधी आंदोलन में महिलाओं ने सक्रिय भूमिका निभाई।
- नर्मदा बचाओ आंदोलन ने पर्यावरण और विस्थापन के मुद्दे उठाए।
- सूचना के अधिकार आंदोलन का उद्देश्य पारदर्शिता और भ्रष्टाचार के विरुद्ध जनजागरूकता था।
- राजनीतिक दल चुनाव लड़ते हैं, सरकार बनाते हैं, जनमत तैयार करते हैं और विपक्ष की भूमिका निभाते हैं।
- राजनीतिक दलों की प्रमुख चुनौतियों में वंशवाद, धनबल, बाहुबल, भ्रष्टाचार और आंतरिक लोकतंत्र की कमी शामिल हैं।
- आंतरिक लोकतंत्र, पारदर्शिता और जवाबदेही राजनीतिक दलों को अधिक प्रभावी बनाने के महत्वपूर्ण उपाय हैं।
📌 स्रोत-जाँच नोट: प्रश्नावली के कुछ राजनीतिक-दल संबंधी प्रश्नों के विकल्प अस्पष्ट हैं। उन्हें नीचे उत्तर में स्पष्ट रूप से चिह्नित किया गया है, ताकि मूल पुस्तक से दोबारा जाँच की जा सके।
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अति लघु उत्तरीय प्रश्न
11975 भारतीय राजनीति में किस लिए जाना जाता है?
(क) इस वर्ष आम चुनाव हुए थे
(ख) श्रीमती इंदिरा गाँधी प्रधानमंत्री बनी थीं
(ग) देश के अंदर आपातकाल लागू हुआ था
(घ) जनता पार्टी की सरकार बनी थी▼
(क) इस वर्ष आम चुनाव हुए थे
(ख) श्रीमती इंदिरा गाँधी प्रधानमंत्री बनी थीं
(ग) देश के अंदर आपातकाल लागू हुआ था
(घ) जनता पार्टी की सरकार बनी थी▼
उत्तर: सही उत्तर: (ग) देश के अंदर आपातकाल लागू हुआ था।
2भारतीय लोकतंत्र में सत्ता के विरुद्ध जन आक्रोश किस दशक से प्रारंभ हुआ?
(क) 1960 के दशक से
(ख) 1970 के दशक से
(ग) 1980 के दशक से
(घ) 1990 के दशक से▼
(क) 1960 के दशक से
(ख) 1970 के दशक से
(ग) 1980 के दशक से
(घ) 1990 के दशक से▼
उत्तर: सही उत्तर: (ख) 1970 के दशक से।
3बिहार में संपूर्ण क्रांति का नेतृत्व निम्नलिखित में से किसने किया?
(क) मोरारजी देसाई
(ख) नीतीश कुमार
(ग) इंदिरा गाँधी
(घ) जयप्रकाश नारायण▼
(क) मोरारजी देसाई
(ख) नीतीश कुमार
(ग) इंदिरा गाँधी
(घ) जयप्रकाश नारायण▼
उत्तर: सही उत्तर: (घ) जयप्रकाश नारायण।
4भारत में हुए 1977 के आम चुनाव में किस पार्टी को बहुमत मिला था?
(क) कांग्रेस पार्टी को
(ख) जनता पार्टी को
(ग) कम्युनिस्ट पार्टी को
(घ) किसी पार्टी को भी नहीं▼
(क) कांग्रेस पार्टी को
(ख) जनता पार्टी को
(ग) कम्युनिस्ट पार्टी को
(घ) किसी पार्टी को भी नहीं▼
उत्तर: सही उत्तर: (ख) जनता पार्टी को।
5‘चिपको आंदोलन’ निम्नलिखित में से किससे संबंधित नहीं है?
(क) अंगू के पेड़ काटने की अनुमति से
(ख) आर्थिक शोषण से मुक्ति से
(ग) शराबखोरी के विरुद्ध आवाज से
(घ) कांग्रेस पार्टी के विरोध से▼
(क) अंगू के पेड़ काटने की अनुमति से
(ख) आर्थिक शोषण से मुक्ति से
(ग) शराबखोरी के विरुद्ध आवाज से
(घ) कांग्रेस पार्टी के विरोध से▼
उत्तर: सही उत्तर: (घ) कांग्रेस पार्टी के विरोध से।
6‘दलित पैंथर्स’ के कार्यक्रम निम्नलिखित में से कौन संबंधित नहीं है?
(क) जाति प्रथा का उन्मूलन
(ख) दलित सेना का गठन
(ग) भूमिहीन गरीब किसान की उन्नति
(घ) औद्योगिक मजदूरों के शोषण से मुक्ति▼
(क) जाति प्रथा का उन्मूलन
(ख) दलित सेना का गठन
(ग) भूमिहीन गरीब किसान की उन्नति
(घ) औद्योगिक मजदूरों के शोषण से मुक्ति▼
उत्तर: स्रोत के अध्याय-फ्रेम के अनुसार सही विकल्प: (घ)।
7निम्नलिखित में से कौन ‘भारतीय किसान यूनियन’ के प्रमुख नेता थे?
(क) मोरारजी देसाई
(ख) जयप्रकाश नारायण
(ग) महेंद्र सिंह टिकैत
(घ) चौधरी चरण सिंह▼
(क) मोरारजी देसाई
(ख) जयप्रकाश नारायण
(ग) महेंद्र सिंह टिकैत
(घ) चौधरी चरण सिंह▼
उत्तर: सही उत्तर: (ग) महेंद्र सिंह टिकैत।
8‘ताड़ी विरोधी आंदोलन’ निम्नलिखित में से किस प्रांत में शुरू किया गया?
(क) बिहार
(ख) उत्तर प्रदेश
(ग) आंध्र प्रदेश
(घ) तमिलनाडु▼
(क) बिहार
(ख) उत्तर प्रदेश
(ग) आंध्र प्रदेश
(घ) तमिलनाडु▼
उत्तर: सही उत्तर: (ग) आंध्र प्रदेश।
9‘नर्मदा घाटी परियोजना’ किन राज्यों से संबंधित है?
(क) बिहार, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश
(ख) तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक
(ग) पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, पंजाब
(घ) गुजरात, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश▼
(क) बिहार, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश
(ख) तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक
(ग) पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, पंजाब
(घ) गुजरात, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश▼
उत्तर: सही उत्तर: (घ) गुजरात, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश।
10‘सूचना के अधिकार आंदोलन’ की शुरुआत कहाँ से हुई?
(क) राजस्थान
(ख) दिल्ली
(ग) तमिलनाडु
(घ) बिहार▼
(क) राजस्थान
(ख) दिल्ली
(ग) तमिलनाडु
(घ) बिहार▼
उत्तर: सही उत्तर: (क) राजस्थान।
11‘सूचना के अधिकार’ संबंधी कानून कब बना?
(क) 2004 में
(ख) 2005 में
(ग) 2006 में
(घ) 2007 में▼
(क) 2004 में
(ख) 2005 में
(ग) 2006 में
(घ) 2007 में▼
उत्तर: सही उत्तर: (ख) 2005 में।
12नेपाल में सप्तदलीय गठबंधन का मुख्य उद्देश्य क्या था?
(क) राजा को देश छोड़ने पर मजबूर करना
(ख) लोकतंत्र की स्थापना करना
(ग) भारत-नेपाल के बीच संबंधों को और बेहतर बनाना
(घ) सर्वदलीय सरकार की स्थापना करना▼
(क) राजा को देश छोड़ने पर मजबूर करना
(ख) लोकतंत्र की स्थापना करना
(ग) भारत-नेपाल के बीच संबंधों को और बेहतर बनाना
(घ) सर्वदलीय सरकार की स्थापना करना▼
उत्तर: सही उत्तर: (ख) लोकतंत्र की स्थापना करना।
13बोलिविया में जनसंघर्ष का मुख्य कारण था
(क) पानी की कीमत में वृद्धि
(ख) खाद्यान्न की कीमत में वृद्धि
(ग) पेट्रोल की कीमत में वृद्धि
(घ) जीवन रक्षक दवाओं की कीमत में वृद्धि▼
(क) पानी की कीमत में वृद्धि
(ख) खाद्यान्न की कीमत में वृद्धि
(ग) पेट्रोल की कीमत में वृद्धि
(घ) जीवन रक्षक दवाओं की कीमत में वृद्धि▼
उत्तर: सही उत्तर: (क) पानी की कीमत में वृद्धि।
14श्रीलंका कब आजाद हुआ?
(क) 1947 में
(ख) 1948 में
(ग) 1949 में
(घ) 1950 में▼
(क) 1947 में
(ख) 1948 में
(ग) 1949 में
(घ) 1950 में▼
उत्तर: सही उत्तर: (ख) 1948 में।
15राजनीतिक दल का आशय है—
(क) अफसरों के समूह से
(ख) सेनाओं के समूह से
(ग) व्यक्तियों के समूह से
(घ) किसानों के समूह से▼
(क) अफसरों के समूह से
(ख) सेनाओं के समूह से
(ग) व्यक्तियों के समूह से
(घ) किसानों के समूह से▼
उत्तर: सही उत्तर: (ग) व्यक्तियों के समूह से।
16निम्नलिखित में से कौन-सा प्रमुख उद्देश्य प्रायः सभी राजनीतिक दलों का होता है?
(क) सत्ता प्राप्त करना
(ख) सरकारी पदों को प्राप्त करना
(ग) चुनाव लड़ना
(घ) इनमें से कोई नहीं▼
(क) सत्ता प्राप्त करना
(ख) सरकारी पदों को प्राप्त करना
(ग) चुनाव लड़ना
(घ) इनमें से कोई नहीं▼
उत्तर: सही उत्तर: (क) सत्ता प्राप्त करना।
17राजनीतिक दलों की नींव सर्वप्रथम किस देश में पड़ी?
(क) ब्रिटेन में
(ख) भारत में
(ग) फ्रांस में
(घ) संयुक्त राज्य अमेरिका में▼
(क) ब्रिटेन में
(ख) भारत में
(ग) फ्रांस में
(घ) संयुक्त राज्य अमेरिका में▼
उत्तर: सही उत्तर: (क) ब्रिटेन में।
18निम्नलिखित में से किसे लोकतंत्र का प्राण माना जाता है?
(क) सरकार को
(ख) न्यायपालिका को
(ग) संविधान को
(घ) राजनीतिक दल को▼
(क) सरकार को
(ख) न्यायपालिका को
(ग) संविधान को
(घ) राजनीतिक दल को▼
उत्तर: सही उत्तर: (घ) राजनीतिक दल को।
19निम्नलिखित में से कौन-सा कार्य राजनीतिक दल नहीं करता है?
(क) चुनाव लड़ना
(ख) सरकार की आलोचना करना
(ग) प्राकृतिक आपदा में राहत से
(घ) अफसरों की बहाली संबंधित कार्य▼
(क) चुनाव लड़ना
(ख) सरकार की आलोचना करना
(ग) प्राकृतिक आपदा में राहत से
(घ) अफसरों की बहाली संबंधित कार्य▼
उत्तर: सही उत्तर: (घ) अफसरों की बहाली संबंधित कार्य।
20निम्नलिखित में से कौन-सा विचार लोकतंत्र में राजनीतिक दलों से मेल नहीं खाता है?
(क) राजनीतिक दल लोगों की भावनाओं एवं विचारों को जोड़कर सरकार के सामने रखता है।
(ख) राजनीतिक दल देश में एकता और अखंडता स्थापित करने का साधन है।
(ग) देश के विकास के लिए सरकारी नीतियों में राजनीतिक दल बाधा उत्पन्न करता है।
(घ) राजनीतिक दल विभिन्न वर्गों, जातियों, धर्मों की समस्याएँ सरकार तक पहुँचाता है।▼
(क) राजनीतिक दल लोगों की भावनाओं एवं विचारों को जोड़कर सरकार के सामने रखता है।
(ख) राजनीतिक दल देश में एकता और अखंडता स्थापित करने का साधन है।
(ग) देश के विकास के लिए सरकारी नीतियों में राजनीतिक दल बाधा उत्पन्न करता है।
(घ) राजनीतिक दल विभिन्न वर्गों, जातियों, धर्मों की समस्याएँ सरकार तक पहुँचाता है।▼
उत्तर: सही उत्तर: (ग)। राजनीतिक दलों को सामान्यतः जनता के विचारों और समस्याओं को सरकार तक पहुँचाने वाली संस्था के रूप में देखा जाता है।
21किस देश में बहुदलीय व्यवस्था नहीं है?
(क) पाकिस्तान
(ख) भारत
(ग) बांग्लादेश
(घ) ब्रिटेन▼
(क) पाकिस्तान
(ख) भारत
(ग) बांग्लादेश
(घ) ब्रिटेन▼
उत्तर: स्रोत के अनुसार सही उत्तर: (क) पाकिस्तान।
22गठबंधन की सरकार बनाने की संभावना किस प्रकार की दलीय व्यवस्था में रहती है?
(क) एकदलीय व्यवस्था
(ख) द्विदलीय व्यवस्था
(ग) बहुदलीय व्यवस्था
(घ) उपर्युक्त में से किसी में भी नहीं▼
(क) एकदलीय व्यवस्था
(ख) द्विदलीय व्यवस्था
(ग) बहुदलीय व्यवस्था
(घ) उपर्युक्त में से किसी में भी नहीं▼
उत्तर: सही उत्तर: (ग) बहुदलीय व्यवस्था।
23किसी भी देश में राजनीतिक स्थायित्व के लिए निम्नलिखित में से क्या नहीं आवश्यक है?
(क) सभी दलों द्वारा सरकार को रचनात्मक सहयोग देना
(ख) किसी भी ढंग से सरकार को उपद्रव करना
(ग) निर्णय प्रक्रिया में सरकार द्वारा सबकी सहमति लेना
(घ) सरकार द्वारा विरोधी दलों को नजरअंदाज करना▼
(क) सभी दलों द्वारा सरकार को रचनात्मक सहयोग देना
(ख) किसी भी ढंग से सरकार को उपद्रव करना
(ग) निर्णय प्रक्रिया में सरकार द्वारा सबकी सहमति लेना
(घ) सरकार द्वारा विरोधी दलों को नजरअंदाज करना▼
उत्तर: सही उत्तर: (ख)।
24निम्नलिखित में से कौन-सी चुनौती राजनीतिक दलों की नहीं है?
(क) राजनीतिक दलों के भीतर समय पर सांगठनिक चुनाव नहीं होना
(ख) राजनीतिक दलों में युवाओं और महिलाओं को उचित प्रतिनिधित्व नहीं मिलना
(ग) राजनीतिक दलों द्वारा जनता की समस्याओं को सरकार के पास रखना
(घ) विपरीत सिद्धांत रखनेवाले राजनीतिक दलों से गठबंधन करना▼
(क) राजनीतिक दलों के भीतर समय पर सांगठनिक चुनाव नहीं होना
(ख) राजनीतिक दलों में युवाओं और महिलाओं को उचित प्रतिनिधित्व नहीं मिलना
(ग) राजनीतिक दलों द्वारा जनता की समस्याओं को सरकार के पास रखना
(घ) विपरीत सिद्धांत रखनेवाले राजनीतिक दलों से गठबंधन करना▼
उत्तर: सही उत्तर: (ग)।
25दल-बदल कानून निम्नलिखित में से किस पर लागू होता है?
(क) सांसदों एवं विधायकों पर
(ख) राष्ट्रपति पर
(ग) उपराष्ट्रपति पर
(घ) उपर्युक्त में से सभी पर▼
(क) सांसदों एवं विधायकों पर
(ख) राष्ट्रपति पर
(ग) उपराष्ट्रपति पर
(घ) उपर्युक्त में से सभी पर▼
उत्तर: सही उत्तर: (क) सांसदों एवं विधायकों पर।
26राजनीतिक दलों की मान्यता और उसका चिह्न किसके द्वारा प्रदान किया जाता है?
(क) राष्ट्रपति सचिवालय द्वारा
(ख) प्रधानमंत्री सचिवालय द्वारा
(ग) निर्वाचन आयोग द्वारा
(घ) संसद द्वारा▼
(क) राष्ट्रपति सचिवालय द्वारा
(ख) प्रधानमंत्री सचिवालय द्वारा
(ग) निर्वाचन आयोग द्वारा
(घ) संसद द्वारा▼
उत्तर: सही उत्तर: (ग) निर्वाचन आयोग द्वारा।
27निम्नलिखित में से कौन राष्ट्रीय दल नहीं है?
(क) राष्ट्रीय जनता दल
(ख) बहुजन समाज पार्टी
(ग) लोक जनशक्ति पार्टी
(घ) भारतीय जनता पार्टी▼
(क) राष्ट्रीय जनता दल
(ख) बहुजन समाज पार्टी
(ग) लोक जनशक्ति पार्टी
(घ) भारतीय जनता पार्टी▼
उत्तर: यह स्रोत-प्रश्न एकल विकल्प के रूप में अस्पष्ट है। निर्वाचन आयोग की वर्तमान राष्ट्रीय दलों की सूची में BSP और BJP राष्ट्रीय दल हैं; RJD और LJP राष्ट्रीय दलों की सूची में नहीं हैं। इसलिए इस प्रश्न को परीक्षा में देने से पहले विकल्पों की जाँच करें।
28जनता दल (यूनाइटेड) पार्टी का गठन कब हुआ?
(क) 1992 में
(ख) 1999 में
(ग) 2000 में
(घ) 2004 में▼
(क) 1992 में
(ख) 1999 में
(ग) 2000 में
(घ) 2004 में▼
उत्तर: दिए गए विकल्पों में सही उत्तर स्पष्ट नहीं है। इस प्रश्न के विकल्पों को मूल पुस्तक/स्रोत से पुनः जाँचना चाहिए।
29सूची I: 1. समाजवादी पार्टी 2. राजद 3. लोजपा 4. जेडीयू
सूची II: लालटेन, तीर, बंगला, साइकिल▼
सूची II: लालटेन, तीर, बंगला, साइकिल▼
उत्तर: मिलान: समाजवादी पार्टी—साइकिल; राजद—लालटेन; लोजपा—बंगला; जेडीयू—तीर।
30सूची I: 1. कांग्रेस पार्टी 2. भारतीय जनता पार्टी 3. कम्युनिस्ट पार्टी 4. झारखंड
सूची II: एनडीए, क्षेत्रीय पार्टी, यू. पी. ए., क्षेत्रीय दल▼
सूची II: एनडीए, क्षेत्रीय पार्टी, यू. पी. ए., क्षेत्रीय दल▼
उत्तर: मूल चित्र में यह मिलान प्रश्न स्पष्ट रूप से दिखता है, लेकिन सूची II के विकल्प और सूची I के कुछ संबंध एकल रूप में अस्पष्ट हैं। इसलिए इसे स्रोत-जाँच योग्य प्रश्न के रूप में रखा गया है।
लघु उत्तरीय प्रश्न
31बिहार में हुए ‘छात्र आंदोलन’ के प्रमुख कारण क्या थे?▼
उत्तर: भ्रष्टाचार, बेरोज़गारी और महँगाई इसके प्रमुख कारण थे।
32‘चिपको आंदोलन’ का मुख्य उद्देश्य क्या था?▼
उत्तर: वनों की अंधाधुंध कटाई रोकना और पर्यावरण की रक्षा करना इसका मुख्य उद्देश्य था।
33स्वतंत्र राजनीतिक संगठन कौन होता है?▼
उत्तर: वह संगठन जो किसी दूसरे राजनीतिक दल के अधीन न होकर अपने स्वतंत्र उद्देश्यों और कार्यक्रमों के आधार पर राजनीतिक या सामाजिक मुद्दों पर कार्य करता है।
34भारतीय किसान यूनियन की मुख्य माँग क्या थी?▼
उत्तर: किसानों के लिए लाभकारी मूल्य, पर्याप्त बिजली, कर्ज से राहत और कृषि से जुड़े हितों की रक्षा जैसी माँगें प्रमुख थीं।
35सूचना के अधिकार आंदोलन का मुख्य उद्देश्य क्या था?▼
उत्तर: सरकारी कामकाज में पारदर्शिता लाना, सरकारी योजनाओं और खर्चों की जानकारी जनता तक पहुँचाना तथा भ्रष्टाचार पर रोक में सहायता करना।
36राजनीतिक दल की परिभाषा दें।▼
उत्तर: राजनीतिक दल ऐसे लोगों का संगठित समूह है जो चुनावों में भाग लेकर शासन की नीतियों और सत्ता को प्रभावित करने या सरकार बनाने का प्रयास करता है।
37किस आधार पर आप कह सकते हैं कि राजनीतिक दल जनता एवं सरकार के बीच कड़ी का काम करता है?▼
उत्तर: दल जनता की समस्याओं और माँगों को सरकार तक पहुँचाते हैं तथा सरकार की नीतियों और कार्यक्रमों को जनता तक पहुँचाते हैं।
38दल-बदल कानून क्या है?▼
उत्तर: दल-बदल कानून निर्वाचित सांसदों और विधायकों के राजनीतिक दल बदलने से संबंधित संवैधानिक प्रावधान है, जिसका उद्देश्य अनैतिक दल-बदल को नियंत्रित करना है।
39राष्ट्रीय राजनीतिक दल किसे कहते हैं?▼
उत्तर: जिस राजनीतिक दल को निर्वाचन आयोग निर्धारित कानूनी मानदंडों के अनुसार राष्ट्रीय दल के रूप में मान्यता देता है, उसे राष्ट्रीय राजनीतिक दल कहते हैं।
दीर्घ उत्तरीय प्रश्न
40“जनसंघर्ष से भी लोकतंत्र मजबूत होता है।” क्या आप इस कथन से सहमत हैं? अपने पक्ष में उत्तर दें।▼
उत्तर: हाँ। शांतिपूर्ण जनसंघर्ष जनता की भागीदारी को मजबूत करता है। इससे जनता अपनी समस्याएँ और माँगें सरकार के सामने रखती है, जनमत बनता है और सरकार की जवाबदेही बढ़ सकती है।
41किस आधार पर आप कह सकते हैं कि बिहार से शुरू हुआ ‘छात्र आंदोलन’ का स्वरूप राष्ट्रीय हो गया?▼
उत्तर: आंदोलन बिहार से बाहर भी फैला और जयप्रकाश नारायण के नेतृत्व में विभिन्न सामाजिक वर्गों के लोग इससे जुड़े। इसके मुद्दे छात्र समस्याओं से आगे बढ़कर शासन, भ्रष्टाचार और लोकतंत्र से जुड़े व्यापक प्रश्नों तक पहुँचे।
42निम्नलिखित वक्तव्यों को पढ़ें और अपने पक्ष में उत्तर दें— (क) क्षेत्रीय भावना लोकतंत्र को मजबूत करती है।▼
उत्तर: क्षेत्रीय भावना यदि लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से व्यक्त हो तो स्थानीय समस्याओं और आकांक्षाओं को राजनीतिक व्यवस्था में स्थान देती है। इससे क्षेत्रों को अपनी आवश्यकताओं के अनुसार प्रतिनिधित्व और नीतियों की माँग रखने का अवसर मिलता है।
43दबाव समूह स्वार्थी तत्वों का समूह है। इसलिए इसे समाप्त कर देना चाहिए।▼
उत्तर: दबाव समूह किसी विशेष वर्ग या हित से जुड़े मुद्दों को सरकार के सामने रखते हैं। किसान, मजदूर और अन्य संगठन लोकतांत्रिक तरीकों से अपनी माँगें रखते हैं। इसलिए केवल दबाव समूह होने के कारण उन्हें समाप्त करना उचित निष्कर्ष नहीं है।
44जनसंघर्ष लोकतंत्र का विरोधी है।▼
उत्तर: जनसंघर्ष लोकतंत्र का अनिवार्य रूप से विरोधी नहीं है। शांतिपूर्ण आंदोलन, धरना, रैली और सत्याग्रह जनता को अपनी बात रखने के लोकतांत्रिक माध्यम हो सकते हैं और सरकार की जवाबदेही बढ़ा सकते हैं।
45भारत में लोकतंत्र के लिए हुए आंदोलनों में महिलाओं की भूमिका नगण्य है।▼
उत्तर: यह कथन दिए गए उदाहरणों से मेल नहीं खाता। ताड़ी-विरोधी आंदोलन में महिलाओं ने प्रमुख भूमिका निभाई और चिपको आंदोलन में भी महिलाओं की सक्रिय भागीदारी थी।
46राजनीतिक दल को ‘लोकतंत्र का प्राण’ क्यों कहा जाता है?▼
उत्तर: राजनीतिक दल चुनाव लड़ते हैं, उम्मीदवार खड़े करते हैं, सरकार बनाते हैं, विपक्ष की भूमिका निभाते हैं, जनमत तैयार करते हैं और जनता की समस्याओं को सरकार तक पहुँचाते हैं। वे नागरिकों को राजनीतिक विकल्प भी देते हैं।
🔄 एक नजर में अध्याय का पुनरावर्तन
लोकतंत्र में राजनीतिक दल जनता और सरकार के बीच कड़ी का काम करते हैं। राजनीतिक प्रतिस्पर्द्धा जनता को विकल्प देती है और जनसंघर्ष जनता की माँगों को सामने लाता है। बिहार आंदोलन, चिपको आंदोलन, किसान आंदोलन, ताड़ी-विरोधी आंदोलन, नर्मदा बचाओ आंदोलन तथा सूचना के अधिकार आंदोलन जनभागीदारी के उदाहरण हैं। राजनीतिक दलों की प्रभावशीलता के लिए आंतरिक लोकतंत्र, पारदर्शिता और जवाबदेही महत्वपूर्ण हैं।
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