Political Science Chapter 1: Power Sharing | Bihar Board Class 10 Notes
अध्याय 1: सत्ता की साझेदारी
📖 अध्याय का परिचय
इस अध्याय में सत्ता की साझेदारी, सामाजिक विभेद, सामाजिक विभाजन तथा लोकतंत्र में विभिन्न सामाजिक समूहों की भागीदारी और प्रतिनिधित्व को समझाया गया है। लोकतंत्र में विविधता को स्वीकार करते हुए संवाद, सहमति और शांतिपूर्ण तरीके से विभिन्न समूहों के हितों को समायोजित करना महत्वपूर्ण है।
1लोकतंत्र में सत्ता की साझेदारी का अर्थ
उदाहरण: भारत में केंद्र और राज्यों के बीच शक्तियों का विभाजन सत्ता की साझेदारी का अच्छा उदाहरण है।
2लोकतंत्र में द्वंद्ववाद
उदाहरण: बेल्जियम में फ्रेंच और डच भाषा-भाषी समुदायों के बीच मतभेद थे, जिन्हें सत्ता की साझेदारी के प्रावधानों द्वारा सुलझाया गया।
3सामाजिक विभेदों की उत्पत्ति
उदाहरण: श्रीलंका में सिंहली और तमिल समुदायों के बीच भाषा और जातीय पहचान के कारण लंबे समय तक संघर्ष रहा।
4सामाजिक विभेद और सामाजिक विभाजन में अंतर
सामाजिक विभाजन: जब सामाजिक विभिन्नता टकराव, अन्याय या संघर्ष का रूप ले लेती है।
उदाहरण: महाराष्ट्र और असम में उत्तर भारतीयों के साथ दुर्व्यवहार सामाजिक विभाजन का उदाहरण है।
5विभेदों में तालमेल और संघर्ष
जब सामाजिक विभेद सीमा से बाहर हो जाते हैं, तो सामाजिक विभाजन और संघर्ष बढ़ सकता है।
6सामाजिक विभेदों की राजनीति पर प्रभाव
दूसरी ओर, यदि सामाजिक विभेदों का उपयोग समानता, न्याय और प्रतिनिधित्व के लिए किया जाए तो लोकतंत्र मजबूत होता है।
उदाहरण: भारत में आरक्षण नीति सामाजिक समानता और प्रतिनिधित्व को बढ़ावा देती है, जबकि सांप्रदायिक राजनीति सामाजिक तनाव को बढ़ा सकती है।
7सामाजिक विभेद के तीन निर्धारक तत्व
उदाहरण: सवर्ण और दलित के बीच सामाजिक अंतर जाति-आधारित विभेद को दर्शाता है।
② धर्म (Religion): विभिन्न धर्मों की आस्थाओं, परंपराओं और प्रथाओं में अंतर से सामाजिक विभेद उत्पन्न होते हैं। सहिष्णुता की कमी होने पर यह राष्ट्रीय एकता को प्रभावित कर सकता है।
उदाहरण: भारत का विभाजन धार्मिक आधार पर हुए विभेद के परिणाम को दर्शाता है।
③ भाषा (Language): भाषा सांस्कृतिक पहचान का प्रमुख आधार है। अलग-अलग भाषाओं वाले समूहों के बीच पहचान का अंतर सामाजिक विभेद को बढ़ा सकता है।
उदाहरण: बेल्जियम में डच और फ्रेंच भाषा-भाषी समुदायों के बीच विभेद इसका स्पष्ट उदाहरण है।
8लोकतंत्र विभिन्न सामाजिक समूहों को कैसे सन्निहित करता है
यदि माँगें शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से रखी जाएँ तो लोकतंत्र मजबूत होता है। हिंसक तरीकों से समस्या बढ़ती है, जबकि संवाद, सहमति और आपसी समझ से समाधान संभव है।
उदाहरण: भारत में पंचायती राज व्यवस्था के माध्यम से महिलाओं तथा अनुसूचित जाति/जनजाति जैसे विभिन्न सामाजिक समूहों को राजनीतिक प्रतिनिधित्व दिया गया, जिससे लोकतंत्र अधिक समावेशी बना।
📌 परीक्षा सारांश
🎯 अभ्यास प्रश्न — सभी महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर
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कुल 22 प्रश्न
अति लघु उत्तरीय प्रश्न
(क) लोकतंत्र में राजनीतिक प्रतिनिधित्व के चलते सामाजिक विभाजनों की छाया राजनीति पर भी पड़ता है।
(ख) लोकतंत्र में विभिन्न समुदायों के लिए शांतिपूर्ण ढंग से अपनी शिकायतें जाहिर करना संभव है।
(ग) लोकतंत्र में सामाजिक विभाजनों को हल (accommodate) करने का सबसे अच्छा तरीका है।
(घ) लोकतंत्र सामाजिक विभाजनों के आधार पर समाज के विखंडन (disintegration) की ओर ले जाता है। ▼
(क) जहाँ सामाजिक विभाजन एक-दूसरे से टकराते हैं (social differences overlap), वहाँ सामाजिक विभाजन होता है।
(ख) यह संभव है एक व्यक्ति की कई पहचान (multiple identities) हों।
(ग) सिर्फ भारत जैसे बड़े देशों में ही सामाजिक विभाजन होते हैं।
इन बयानों में से कौन-कौन से सही हैं?
(अ) क, ख और ग (ब) क और ख (स) ख और ग (द) सिर्फ ग ▼
(क) किंग मार्टिन लूथर
(ख) महात्मा गाँधी
(ग) ओलंपिक धावक टॉमी स्मिथ एवं जॉन कार्लोस
(घ) जेसी ओवेन्स ▼
(क) पाकिस्तान (अ) धर्मनिरपेक्ष
(ख) हिंदुस्तान (ब) इस्लाम
(ग) इंग्लैंड (स) प्रोटेस्टेंट ▼
(क) स्त्री और पुरुष के बीच जैविक अंतर।
(ख) समाज द्वारा स्त्रियों और पुरुषों को दी गई असमान भूमिकाएँ।
(ग) बालक और बालिकाओं की संख्या का अनुपात।
(घ) लोकतांत्रिक व्यवस्था में महिलाओं को मतदान अधिकार न मिलना। ▼
(क) लोकसभा (ख) विधानसभा (ग) मंत्रिमंडल (घ) पंचायती राज संस्थाएँ ▼
(अ) एक धर्म दूसरे से श्रेष्ठ है।
(ब) विभिन्न धर्मों के लोग समान नागरिक के रूप में खुशी-खुशी साथ रहते हैं।
(स) एक धर्म के अनुयायी एक समुदाय बनाते हैं।
(द) एक धार्मिक समूह का प्रभुत्व बाकी सभी धर्मों पर कायम रखने में शासन की शक्ति का प्रयोग नहीं किया जा सकता है। ▼
(क) यह धर्म के आधार पर भेदभाव की मनाही करता है।
(ख) यह एक धर्म को राजकीय धर्म बनाता है।
(ग) सभी लोगों को कोई भी धर्म मानने की आजादी देता है।
(घ) किसी धार्मिक समुदाय में सभी नागरिकों को बराबरी का अधिकार देता है। ▼
1. अधिकारों और अवसरों के मामले में स्त्री और पुरुष की बराबरी माननेवाला व्यक्ति
2. धर्म को समुदाय का मुख्य आधार माननेवाला व्यक्ति
3. जाति को समुदाय का मुख्य आधार माननेवाला व्यक्ति
4. व्यक्तियों के बीच धार्मिक आस्था के आधार पर भेदभाव न करनेवाला व्यक्ति
(क) सांप्रदायिक (ख) नारीवादी (ग) धर्म निरपेक्ष (घ) जातिवादी ▼
लघु उत्तरीय प्रश्न
दीर्घ उत्तरीय प्रश्न
🔄 एक नजर में अध्याय का पुनरावर्तन
सत्ता की साझेदारी लोकतंत्र में शक्ति के केंद्रीकरण को रोकती है। सामाजिक विभेद समाज की विविधता को दर्शाते हैं, लेकिन जब वे टकराव और संघर्ष का रूप लेते हैं तो सामाजिक विभाजन उत्पन्न हो सकता है। लोकतंत्र संवाद, सहमति, शांतिपूर्ण भागीदारी और प्रतिनिधित्व के माध्यम से विभिन्न सामाजिक समूहों के हितों को समायोजित करने का प्रयास करता है।
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