Geography Chapter 6: Topographical Representation | Bihar Board Class 10 Notes
इकाई 6: मानचित्र अध्ययन तथा उच्चावच निरूपण
1🗺️ उच्चावच निरूपण का परिचय
पृथ्वी पर पर्वत, पठार, घाटी और जलप्रपात जैसी विभिन्न भू-आकृतियाँ पाई जाती हैं। इनकी लंबाई, चौड़ाई और ऊँचाई होती है, इसलिए ये त्रि-आयामी (3D) होती हैं।
2📐 उच्चावच प्रदर्शन की प्रमुख विधियाँ
उच्चावच को मानचित्र पर प्रदर्शित करने के लिए विभिन्न विधियों का उपयोग किया जाता है। इस इकाई में हैश्यूर, पर्वतीय छायाकरण, तल चिह्न, स्थानिक ऊँचाई, त्रिकोणमितीय स्टेशन, स्तर रंजन और समोच्च रेखाओं का अध्ययन किया गया है।
3✏️ हैश्यूर विधि (Hachure Method)
इस विधि का विकास ऑस्ट्रिया के सैन्य अधिकारी लेहमान ने किया था। इसमें ढाल की दिशा में छोटी, महीन और टूटी हुई रेखाएँ खींची जाती हैं।
| ढाल | रेखाओं का स्वरूप |
|---|---|
| तीव्र ढाल | रेखाएँ मोटी, गहरी और पास-पास |
| मंद ढाल | रेखाएँ पतली और दूर-दूर |
| समतल क्षेत्र | खाली छोड़े जाते हैं |
4🌄 पर्वतीय छायाकरण (Hill Shading)
इस विधि में प्रकाश को उत्तर-पश्चिम दिशा से आता हुआ माना जाता है। अंधेरे भागों को गहरी तथा प्रकाश वाले भागों को हल्की छाया से दिखाया जाता है।
5📍 ऊँचाई प्रदर्शित करने के चिह्न
तल चिह्न (Bench Mark)
समुद्र तल से मापी गई किसी स्थायी वस्तु की ऊँचाई को प्रदर्शित करने वाले चिह्न को तल चिह्न कहते हैं। मानचित्र पर इसे BM लिखकर ऊँचाई के साथ दिखाया जाता है। उदाहरण: BM 200m।
स्थानिक ऊँचाई (Spot Height)
किसी विशेष स्थान की मापी गई ऊँचाई को स्थानिक ऊँचाई कहते हैं। इसे मानचित्र पर बिंदु के साथ ऊँचाई लिखकर प्रदर्शित किया जाता है।
त्रिकोणमितीय स्टेशन (Trigonometrical Station)
त्रिभुजन सर्वेक्षण में उपयोग किए गए स्टेशन को त्रिकोणमितीय स्टेशन कहते हैं। मानचित्र पर त्रिभुज के चिह्न के साथ समुद्र तल से उस स्थान की ऊँचाई लिखी जाती है।
6🎨 स्तर रंजन (Layer Tinting)
इस विधि में अलग-अलग रंगों की आभाओं द्वारा ऊँचाई और भू-आकृतियों को दिखाया जाता है।
| रंग | दर्शाया जाने वाला भाग |
|---|---|
| नीला | समुद्र या जलीय भाग |
| हरा | मैदान |
| बादामी/हल्का कत्थई | पर्वतीय क्षेत्र |
| सफेद | बर्फीले क्षेत्र |
7〰️ समोच्च रेखाएँ (Contour Lines)
यह उच्चावच प्रदर्शन की सर्वश्रेष्ठ एवं मानक विधि मानी जाती है। समोच्च रेखाओं पर ऊँचाई का मान लिखा जाता है और इन्हें प्रायः बादामी रंग से दिखाया जाता है।
समोच्च रेखाओं द्वारा ढाल का प्रदर्शन
8⛰️ समोच्च रेखाओं द्वारा प्रमुख भू-आकृतियों का प्रदर्शन
⛰️ शंक्वाकार पहाड़ी/पर्वत
लगभग गोलाकार बंद समोच्च रेखाएँ बनाई जाती हैं। बाहर से अंदर की ओर ऊँचाई बढ़ती जाती है और वृत्त छोटे होते जाते हैं।
🏔️ पठार
पठार का आधार और ऊपरी भाग चौड़ा होता है। इसे चौड़े एवं बंद समोच्च रेखाओं द्वारा प्रदर्शित किया जाता है।
🏞️ 'V' आकार की घाटी
नदी द्वारा बनी घाटी को उल्टे 'V' आकार की समोच्च रेखाओं से दिखाया जाता है।
🌊 झील
झील को वृत्ताकार समोच्च रेखाओं से दिखाया जाता है। बाहर से अंदर की ओर ऊँचाई का मान घटता जाता है।
💦 जलप्रपात
जब नदी का जल ऊँचाई से अचानक नीचे गिरता है तो जलप्रपात बनता है। इसे पास-पास स्थित समोच्च रेखाओं द्वारा तीव्र ढाल के रूप में दिखाया जाता है।
9📌 परीक्षा सारांश
| विषय | महत्वपूर्ण तथ्य |
|---|---|
| उच्चावच निरूपण | 3D भू-आकृतियों का 2D मानचित्र पर प्रदर्शन |
| हैश्यूर विधि | लेहमान द्वारा विकसित |
| पर्वतीय छायाकरण | प्रकाश उत्तर-पश्चिम से माना जाता है |
| तल चिह्न | BM द्वारा प्रदर्शित |
| स्थानिक ऊँचाई | किसी विशेष स्थान की मापी गई ऊँचाई |
| स्तर रंजन | रंगों द्वारा उच्चावच प्रदर्शन |
| समोच्च रेखाएँ | समान ऊँचाई वाले स्थानों को मिलाने वाली रेखाएँ |
| पास-पास समोच्च रेखाएँ | खड़ी ढाल |
| दूर-दूर समोच्च रेखाएँ | मंद ढाल |
| समान दूरी की समोच्च रेखाएँ | समान ढाल |
| शंक्वाकार पर्वत | बंद गोलाकार समोच्च रेखाएँ |
| घाटी | उल्टा V आकार |
| झील | अंदर की ओर ऊँचाई घटती है |
| जलप्रपात | बहुत तीव्र ढाल को दर्शाता है |
10🎯 परीक्षा अभ्यास
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दीर्घ उत्तरीय प्रश्न — पाठ्यपुस्तक अभ्यास
📚 Self Study Tip
इस इकाई को याद करने का सबसे आसान तरीका है—विधि → पहचान → विशेषता। विशेष रूप से हैश्यूर–लेहमान, छायाकरण–उत्तर-पश्चिम, BM–तल चिह्न, स्तर रंजन–रंग और समोच्च रेखा–ढाल के संबंध को बार-बार दोहराएँ।
इकाई का सार
मानचित्र पर त्रि-आयामी भू-आकृतियों को द्वि-आयामी रूप में प्रदर्शित करना उच्चावच निरूपण कहलाता है। इसके लिए हैश्यूर, पर्वतीय छायाकरण, तल चिह्न, स्थानिक ऊँचाई, त्रिकोणमितीय स्टेशन, स्तर रंजन और समोच्च रेखाओं जैसी विधियों का उपयोग किया जाता है। समोच्च रेखाएँ समान ऊँचाई वाले स्थानों को जोड़ती हैं और इनके बीच की दूरी से ढाल की तीव्रता का पता लगाया जा सकता है।
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