कक्षा 10
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Geography Chapter 3: Manufacturing Industries | Bihar Board Class 10 Notes

Bihar Board Class 10 Geography Unit 3: विनिर्माण उद्योग
📘 Bihar Board | Class 10 | Geography

इकाई 3: विनिर्माण उद्योग

Manufacturing Industries — सरल Self Study Notes, प्रमुख उद्योग, महत्वपूर्ण तथ्य और परीक्षा अभ्यास
🏭 विनिर्माण🧵 वस्त्र उद्योग⚙️ लौह-इस्पात🍬 चीनी उद्योग💻 IT उद्योग🌱 प्रदूषण नियंत्रण

1विनिर्माण उद्योग — परिचय एवं महत्व

विनिर्माण उद्योग: कच्चे माल को मशीनों या हाथ से उपयोगी और अधिक मूल्यवान वस्तुओं में बदलने की प्रक्रिया को विनिर्माण उद्योग कहते हैं।
कच्चा मालतैयार वस्तु
कपासकपड़ा
गन्नाचीनी
लौह-अयस्कलोहा एवं इस्पात
लकड़ीफर्नीचर

विनिर्माण उद्योग का महत्व

📈 आर्थिक विकास और समृद्धि का आधार।
👨‍🌾 कृषि पर निर्भरता कम करता है।
👷 रोजगार के अवसर पैदा करता है।
🌍 GDP में योगदान और निर्यात को बढ़ावा देता है।

2उद्योगों की स्थापना के प्रमुख कारक

भौतिक कारक

कच्चे माल की उपलब्धता, शक्ति के साधन, जल की उपलब्धता और उपयुक्त जलवायु उद्योगों की स्थापना को प्रभावित करते हैं।

मानवीय कारक

सस्ते और कुशल श्रमिक, बाजार, परिवहन सुविधा, पूँजी और सरकारी नीतियाँ उद्योगों के स्थान निर्धारण में महत्वपूर्ण हैं।

याद रखें: किसी उद्योग का स्थान केवल एक कारण से निर्धारित नहीं होता। कच्चा माल, ऊर्जा, श्रम, बाजार, परिवहन और पूँजी जैसे कई कारक मिलकर स्थान निर्धारण को प्रभावित करते हैं।

3उद्योगों का वर्गीकरण

आकार के आधार पर
बड़े, मध्यम और छोटे उद्योग। बड़े उद्योगों में अधिक पूँजी, मशीन और श्रमिक लगते हैं।
कच्चे माल के आधार पर
भारी उद्योग—जैसे लौह-इस्पात; हल्के उद्योग—जैसे इलेक्ट्रॉनिक उपकरण।
स्वामित्व के आधार पर
सार्वजनिक, निजी तथा संयुक्त/सहकारी उद्योग।
कच्चे माल के स्रोत के आधार पर
कृषि आधारित—सूती वस्त्र, चीनी, जूट, चाय; खनिज आधारित—लौह-इस्पात, सीमेंट, रसायन।

4🧵 सूती वस्त्र उद्योग

सूती वस्त्र उद्योग भारत का प्रमुख उद्योग है और कृषि के बाद बड़े पैमाने पर रोजगार प्रदान करता है।

तथ्यजानकारी
पहली आधुनिक सूती मिल1818 ई., फोर्ट ग्लास्टर
पहली सफल सूती मिल1854 ई., मुंबई
प्रमुख केंद्रमुंबई, अहमदाबाद, सूरत, कोयंबटूर, कानपुर और कोलकाता
मुंबई में उद्योग के विकास के कारण: कपास उत्पादक क्षेत्रों की निकटता, मुंबई बंदरगाह, पूँजी की उपलब्धता और नम जलवायु।

5🌿 जूट उद्योग

जूट को “सुनहरा रेशा” कहा जाता है। भारत जूट उत्पादन में विश्व के प्रमुख देशों में है।

पहला जूट कारखाना: 1855 ई., रिसरा।
प्रमुख क्षेत्र: पश्चिम बंगाल में हुगली नदी के किनारे।
बिहार: कटिहार और पूर्णिया प्रमुख क्षेत्र।
उपयोग: बोरे, रस्सी और अन्य जूट उत्पाद।

6🍬 चीनी उद्योग

भारत में गन्ने से चीनी, गुड़ और खाँडसारी का उत्पादन किया जाता है।

तथ्यजानकारी
आधुनिक चीनी उद्योग का विकास1903 ई., बिहार के सारण जिले में
अग्रणी राज्यमहाराष्ट्र
उत्तर भारत का प्रमुख राज्यउत्तर प्रदेश

दक्षिण भारत की ओर उद्योग के जाने के कारण

अनुकूल जलवायु, गन्ने में अधिक रस और मिठास, सहकारी समितियों का विकास तथा बंदरगाहों से निर्यात की सुविधा।

मुख्य समस्याएँ: पुरानी मशीनें, बिजली की कमी, परिवहन की समस्या और गन्ने के उत्पादन में उतार-चढ़ाव।

7⚙️ लौह-इस्पात उद्योग

लौह-इस्पात उद्योग को “सभी उद्योगों की रीढ़” कहा जाता है। यह एक आधारभूत उद्योग है।

केंद्र/संस्थामहत्वपूर्ण तथ्य
कुल्टीपहला आधुनिक लोहा कारखाना — 1874 ई.
जमशेदपुरTISCO की स्थापना — 1907 ई., साकची
बर्नपुरIISCO
भद्रावतीविश्वेश्वरैया लोहा एवं इस्पात
भिलाईछत्तीसगढ़
राउरकेलाओडिशा
दुर्गापुरपश्चिम बंगाल
बोकारोझारखंड
सार्वजनिक क्षेत्र: प्रमुख सार्वजनिक क्षेत्र के इस्पात संयंत्र SAIL के अधीन बताए जाते हैं।

8🔩 अन्य धातु उद्योग

एल्युमिनियम उद्योग

एल्युमिनियम हल्की, जंगरोधी और विद्युत की अच्छी सुचालक धातु है। इसका उपयोग हवाई जहाज, बर्तन और बिजली के तारों में होता है। प्रमुख क्षेत्र—ओडिशा, छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र।

ताँबा उद्योग

ताँबे का उपयोग बिजली के तार तथा पीतल, काँसा आदि बनाने में किया जाता है। पहला ताँबा संयंत्र घाटशिला, झारखंड में बताया गया है। प्रमुख केंद्र—घाटशिला, खेतड़ी और तूतीकोरिन।

उर्वरक उद्योग

पहला उर्वरक संयंत्र 1906 ई. में रानीपेट में तथा पहला बड़ा संयंत्र 1951–52 ई. में सिंदरी में बताया गया है। भारत नाइट्रोजन उर्वरक के प्रमुख उत्पादकों में शामिल है।

9🧪 रासायनिक उद्योग

रासायनिक उद्योग में कार्बनिक और अकार्बनिक दोनों प्रकार के रसायन बनाए जाते हैं।

कार्बनिक रसायन
पेट्रोलियम, कृत्रिम रेशा, रबर और प्लास्टिक।
अकार्बनिक रसायन
अम्ल, क्षार, सोडा और रंग।

10🏗️ सीमेंट उद्योग

सीमेंट उद्योग का मुख्य कच्चा माल चूना पत्थर है। इसके अलावा सिलिका, जिप्सम और कोयले का भी उपयोग होता है।

पहला कारखाना: 1904 ई., चेन्नई।
प्रमुख क्षेत्र: मध्य प्रदेश, राजस्थान, बिहार, झारखंड और छत्तीसगढ़।
महत्व: निर्माण एवं आधारभूत संरचना के लिए आवश्यक।
भारत: विश्व के प्रमुख सीमेंट उत्पादक देशों में शामिल।

11🚆 तैयार माल आधारित एवं परिवहन उद्योग

रेलवे उद्योग

विद्युत इंजन: चितरंजन।
डीजल इंजन: वाराणसी।
रेलवे वर्कशॉप: जमालपुर, मुंगेर — एशिया का पुराना रेलवे वर्कशॉप बताया गया है।
रेल पहिया कारखाना: छपरा, सारण।

वायुयान एवं पोत निर्माण

वायुयान उद्योग: बेंगलुरु, कानपुर, नासिक और हैदराबाद।

पोत निर्माण: विशाखापत्तनम, मुंबई, कोच्चि और कोलकाता।

12💻 सूचना प्रौद्योगिकी एवं इलेक्ट्रॉनिक उद्योग

सूचना प्रौद्योगिकी उद्योग: इसे “ज्ञान आधारित उद्योग” कहा जाता है।
बेंगलुरु को “सिलिकॉन सिटी” कहा जाता है।

उत्पाद: कंप्यूटर, टेलीफोन, टेलीविजन, राडार, लेजर और सॉफ्टवेयर।

प्रमुख केंद्र: बेंगलुरु, मुंबई, दिल्ली, हैदराबाद, पुणे और चेन्नई।

फुटलूज उद्योग

ऐसे उद्योग जिन्हें कच्चे माल के स्रोत से विशेष रूप से बँधे बिना विभिन्न स्थानों पर स्थापित किया जा सकता है, फुटलूज उद्योग कहलाते हैं। उदाहरण—कंप्यूटर, टेलीफोन, टेलीविजन, होजियरी और खिलौना उद्योग।

13🌍 वैश्वीकरण, उदारीकरण और निजीकरण — LPG

शब्दअर्थ
उदारीकरणउद्योग और व्यापार को अनावश्यक सरकारी नियंत्रणों से मुक्त करना।
निजीकरणसरकारी उद्योगों का स्वामित्व या संचालन निजी क्षेत्र को देना।
वैश्वीकरणदेश की अर्थव्यवस्था को विश्व अर्थव्यवस्था से जोड़ना।
बहुराष्ट्रीय कंपनी (MNC)ऐसी कंपनी जो अनेक देशों में अपना व्यवसाय करती है।

वैश्वीकरण के प्रभाव

सकारात्मक: विदेशी निवेश और तकनीक में वृद्धि, IT व सेवा क्षेत्र का विस्तार तथा रोजगार के नए अवसर।
नकारात्मक: छोटे और कुटीर उद्योगों पर प्रतिस्पर्धा का दबाव तथा कुछ क्षेत्रों में रोजगार संबंधी समस्याएँ।

14🌱 औद्योगिक प्रदूषण एवं नियंत्रण

उद्योगों से निकलने वाले धुएँ, गंदे जल, कचरे और शोर के कारण पर्यावरण प्रदूषित होता है।

प्रदूषणमुख्य कारण
वायु प्रदूषणजहरीली गैसों और धुएँ से
जल प्रदूषणऔद्योगिक अपशिष्ट जल से
ध्वनि प्रदूषणमशीनों के तेज शोर से
भूमि प्रदूषणऔद्योगिक ठोस कचरे से

भोपाल गैस त्रासदी

1984 में भोपाल स्थित यूनियन कार्बाइड कारखाने से मिथाइल आइसोसाइनेट (MIC) गैस का रिसाव हुआ, जिससे बड़ी संख्या में लोगों की मृत्यु और स्वास्थ्य संबंधी समस्याएँ हुईं।

प्रदूषण नियंत्रण के उपाय

ऊँची चिमनियों और प्रदूषण नियंत्रण उपकरणों का प्रयोग, औद्योगिक अपशिष्ट जल का शोधन, मशीनों में साइलेंसर, ठोस कचरे का उचित निपटान, स्वच्छ ऊर्जा का उपयोग तथा श्रमिकों के लिए सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराना प्रमुख उपाय हैं।

15🎯 परीक्षा अभ्यास

💡 पहले स्वयं उत्तर सोचें — फिर प्रश्न पर क्लिक करके उत्तर देखें।
एक समय में केवल एक उत्तर खुलेगा। उत्तर छिपाने के लिए उसी प्रश्न पर दोबारा क्लिक करें।

अति लघु उत्तरीय प्रश्न — वस्तुनिष्ठ प्रश्नों पर आधारित

1इनमें से कौन औद्योगिक अवस्थिति का कारक नहीं है?
उत्तर:बाजार, जनसंख्या, पूँजी और ऊर्जा में दिए गए विकल्पों में स्रोत प्रश्न के अनुसार सही उत्तर — जनसंख्या।
2भारत में सबसे पहले स्थापित लौह-इस्पात कंपनी कौन-सी थी?
उत्तर:टाटा आयरन एंड स्टील कंपनी (TISCO)।
3पहली आधुनिक सूती मिल मुंबई में क्यों स्थापित की गई थी?
उत्तर:कपास उत्पादक क्षेत्र की निकटता, मुंबई बंदरगाह, पूँजी की उपलब्धता और अनुकूल नम जलवायु के कारण।
4निम्नलिखित में से कौन-सा उद्योग कृषि पर आधारित नहीं है?
उत्तर:सीमेंट उद्योग।
5हुगली औद्योगिक प्रदेश का प्रमुख केंद्र कौन-सा है?
उत्तर:कोलकाता–हुगली क्षेत्र।
6निम्नलिखित में से कौन-सा उद्योग सार्वजनिक क्षेत्र के अंतर्गत आता है?
उत्तर:बोकारो लौह-इस्पात उद्योग।
7इनमें से कौन उपभोक्ता उद्योग है?
उत्तर:चीनी उद्योग।
8निम्नलिखित में से कौन छोटे पैमाने का उद्योग है?
उत्तर:खिलौना उद्योग।
9भोपाल गैस त्रासदी में किस गैस का रिसाव हुआ था?
उत्तर:मिथाइल आइसोसाइनेट (MIC)।
10जूट को किस नाम से जाना जाता है?
उत्तर:सुनहरा रेशा।
11लौह-इस्पात उद्योग को किस नाम से जाना जाता है?
उत्तर:सभी उद्योगों की रीढ़।
12बेंगलुरु को किस नाम से जाना जाता है?
उत्तर:सिलिकॉन सिटी।
13पहला जूट कारखाना कहाँ स्थापित हुआ था?
उत्तर:रिसरा।
14TISCO की स्थापना किस वर्ष हुई?
उत्तर:1907 ई.।
15पहला सीमेंट कारखाना कहाँ स्थापित हुआ था?
उत्तर:चेन्नई।

लघु उत्तरीय प्रश्न — उत्तर सहित

1विनिर्माण से आप क्या समझते हैं?
उत्तर:कच्चे माल को मशीनों या हाथ से उपयोगी और अधिक मूल्यवान वस्तुओं में बदलने की प्रक्रिया को विनिर्माण कहते हैं।
2सार्वजनिक और निजी उद्योग में अंतर स्पष्ट करें।
उत्तर:सार्वजनिक उद्योग सरकार के स्वामित्व और नियंत्रण में होते हैं, जबकि निजी उद्योग निजी व्यक्तियों या संस्थाओं के स्वामित्व में होते हैं।
3उद्योगों के स्थानीयकरण के तीन कारकों को लिखिए।
उत्तर:कच्चे माल की उपलब्धता, शक्ति/ऊर्जा की उपलब्धता और बाजार की सुविधा उद्योगों के स्थानीयकरण के प्रमुख कारक हैं। परिवहन, श्रम और पूँजी भी महत्वपूर्ण हैं।
4कृषि आधारित उद्योग और खनिज आधारित उद्योग के अंतर को स्पष्ट करें।
उत्तर:जिन उद्योगों में कृषि से प्राप्त कच्चे माल का उपयोग होता है वे कृषि आधारित उद्योग कहलाते हैं, जैसे सूती वस्त्र और चीनी उद्योग। जिन उद्योगों में खनिज कच्चे माल का उपयोग होता है वे खनिज आधारित उद्योग कहलाते हैं, जैसे लौह-इस्पात और सीमेंट उद्योग।
5स्वामित्व के आधार पर उद्योगों को उदाहरण सहित वर्गीकृत कीजिए।
उत्तर:स्वामित्व के आधार पर उद्योग सार्वजनिक, निजी तथा संयुक्त/सहकारी हो सकते हैं। सार्वजनिक उद्योग सरकार के स्वामित्व में, निजी उद्योग निजी संस्थाओं के स्वामित्व में और संयुक्त/सहकारी उद्योग दो या अधिक पक्षों की भागीदारी से संचालित होते हैं।

दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

1उदारीकरण, निजीकरण और वैश्वीकरण से आप क्या समझते हैं? वैश्वीकरण का भारतीय अर्थव्यवस्था पर क्या प्रभाव पड़ा?
उत्तर:

उदारीकरण का अर्थ उद्योग और व्यापार को अनावश्यक सरकारी नियंत्रणों से मुक्त करना, निजीकरण का अर्थ सरकारी उद्योगों के स्वामित्व या संचालन में निजी क्षेत्र की भूमिका बढ़ाना और वैश्वीकरण का अर्थ भारतीय अर्थव्यवस्था को विश्व अर्थव्यवस्था से जोड़ना है। इससे विदेशी निवेश और तकनीक में वृद्धि, IT तथा सेवा क्षेत्र का विस्तार और नए बाजारों की उपलब्धता हुई। दूसरी ओर छोटे और कुटीर उद्योगों पर प्रतिस्पर्धा का दबाव भी बढ़ा।

2भारत में सूचना एवं प्रौद्योगिकी उद्योग का विवरण दीजिए।
उत्तर:

सूचना प्रौद्योगिकी उद्योग को ज्ञान आधारित उद्योग कहा जाता है। बेंगलुरु को सिलिकॉन सिटी कहा जाता है। कंप्यूटर, टेलीफोन, टेलीविजन, राडार, लेजर और सॉफ्टवेयर इसके प्रमुख उत्पाद हैं। बेंगलुरु, मुंबई, दिल्ली, हैदराबाद, पुणे और चेन्नई इसके प्रमुख केंद्र हैं।

3भारत में सूती वस्त्र उद्योग के विकास और प्रमुख केंद्रों का वर्णन कीजिए।
उत्तर:

भारत में पहली आधुनिक सूती मिल 1818 ई. में फोर्ट ग्लास्टर और पहली सफल सूती मिल 1854 ई. में मुंबई में स्थापित हुई। मुंबई में कपास उत्पादक क्षेत्रों की निकटता, बंदरगाह, पूँजी और नम जलवायु के कारण उद्योग का विकास हुआ। मुंबई, अहमदाबाद, सूरत, कोयंबटूर, कानपुर और कोलकाता प्रमुख केंद्र हैं।

4भारत में लौह-इस्पात उद्योग के महत्व और प्रमुख केंद्रों का वर्णन कीजिए।
उत्तर:

लौह-इस्पात उद्योग आधारभूत उद्योग है और इसे सभी उद्योगों की रीढ़ कहा जाता है। पहला आधुनिक लोहा कारखाना 1874 ई. में कुल्टी में तथा TISCO की स्थापना 1907 ई. में साकची, जमशेदपुर में हुई। जमशेदपुर, बर्नपुर, भद्रावती, भिलाई, राउरकेला, दुर्गापुर और बोकारो इसके प्रमुख केंद्र हैं।

5औद्योगिक प्रदूषण के प्रकार और उसके नियंत्रण के उपायों की व्याख्या कीजिए।
उत्तर:

औद्योगिक प्रदूषण मुख्यतः वायु, जल, ध्वनि और भूमि प्रदूषण के रूप में होता है। इसे नियंत्रित करने के लिए प्रदूषण नियंत्रण उपकरणों का उपयोग, अपशिष्ट जल का शोधन, मशीनों में साइलेंसर, ठोस कचरे का उचित निपटान, स्वच्छ ऊर्जा का उपयोग और श्रमिक सुरक्षा उपकरणों की व्यवस्था आवश्यक है।

कारण बताइए

1लौह-इस्पात उद्योग को सभी उद्योगों की रीढ़ क्यों कहा जाता है?
उत्तर:क्योंकि मशीन, परिवहन, निर्माण और अनेक अन्य उद्योगों के लिए लौह-इस्पात आवश्यक कच्चा माल और आधार प्रदान करता है।
2मुंबई सूती वस्त्र उद्योग का प्रमुख केंद्र क्यों बना?
उत्तर:कपास उत्पादक क्षेत्रों की निकटता, मुंबई बंदरगाह, पूँजी की उपलब्धता और नम जलवायु इसके प्रमुख कारण हैं।
3उद्योगों से जल प्रदूषण क्यों होता है?
उत्तर:कारखानों से निकलने वाले रासायनिक पदार्थों और बिना शोधन के छोड़े गए औद्योगिक अपशिष्ट जल के कारण जल प्रदूषित होता है।
4छोटे और कुटीर उद्योगों पर वैश्वीकरण का दबाव क्यों बढ़ा?
उत्तर:विश्व बाजार में प्रतिस्पर्धा बढ़ने, बड़ी कंपनियों और आयातित वस्तुओं से मुकाबला होने के कारण छोटे और कुटीर उद्योगों पर प्रतिस्पर्धात्मक दबाव बढ़ा।

📚 Self Study Tip

इस इकाई को पाँच चरणों में पढ़ें—(1) विनिर्माण और अवस्थिति के कारक, (2) उद्योगों का वर्गीकरण, (3) सूती-जूट-चीनी-लौह-इस्पात जैसे प्रमुख उद्योग, (4) IT, LPG और वैश्वीकरण, (5) औद्योगिक प्रदूषण। परीक्षा के लिए उद्योग–स्थान–वर्ष वाली तालिका को बार-बार दोहराएँ।

इकाई का सार

विनिर्माण उद्योग कच्चे माल को उपयोगी और अधिक मूल्यवान वस्तुओं में बदलकर आर्थिक विकास, रोजगार और निर्यात में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। उद्योगों का स्थान कच्चे माल, ऊर्जा, जल, श्रम, बाजार, परिवहन और पूँजी जैसे अनेक कारकों से प्रभावित होता है। भारत में सूती वस्त्र, जूट, चीनी, लौह-इस्पात, रासायनिक, सीमेंट और IT जैसे उद्योगों का विशेष महत्व है। वैश्वीकरण ने उद्योगों के लिए अवसरों के साथ प्रतिस्पर्धा भी बढ़ाई है। औद्योगिक विकास के साथ प्रदूषण नियंत्रण और पर्यावरण संरक्षण भी आवश्यक है।

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