कक्षा 10
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Geography Chapter 2: Agriculture | Bihar Board Class 10 Notes

Bihar Board Class 10 Geography — इकाई 2: कृषि
📘 Bihar Board | Class 10 | Geography

इकाई 2: कृषि

Agriculture — सरल Self Study Notes, महत्वपूर्ण तथ्य, फसलें और परीक्षा अभ्यास
🌾 कृषि🌱 फसल ऋतुएँ🍚 खाद्य फसलें☕ पेय फसलें🧵 रेशेदार फसलें🌍 कृषि की चुनौतियाँ

1कृषि — परिचय एवं महत्व

भारत एक कृषि प्रधान देश है। यहाँ की लगभग दो-तिहाई आबादी अपनी आजीविका के लिए कृषि पर निर्भर है। देश की राष्ट्रीय आय में भी कृषि का महत्वपूर्ण योगदान है।

कृषि का महत्व

🌾 देश की विशाल जनसंख्या को भोजन उपलब्ध कराना।
🏭 कृषि आधारित उद्योगों को कच्चा माल देना।
💰 कृषि उत्पादों का निर्यात करके विदेशी मुद्रा अर्जित करना।
👨‍🌾 ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार उपलब्ध कराना।
कृषि उत्पादप्रमुख कृषि आधारित उद्योग
कपाससूती वस्त्र उद्योग
गन्नाचीनी उद्योग
जूटबोरा एवं रस्सी उद्योग

2कृषि भूमि का उपयोग

कृषि योग्य भूमि का उपयोग मुख्यतः शुद्ध बोए गए क्षेत्र, चालू परती भूमि, अन्य परती भूमि तथा कृषि योग्य व्यर्थ भूमि के रूप में किया जाता है।

भूमि उपयोगप्रतिशत
शुद्ध बोया गया क्षेत्र43.41%
चालू परती भूमि7.03%
अन्य परती भूमि3.82%
कृषि योग्य व्यर्थ भूमि4.41%
💡 महत्वपूर्ण: भारत में शुद्ध बोई गई भूमि लगभग 14 करोड़ हेक्टेयर है।

3शस्य गहनता

शस्य गहनता: एक ही भूमि पर एक वर्ष में एक से अधिक बार फसल उगाने को शस्य गहनता कहा जाता है।

जनसंख्या वृद्धि और कृषि भूमि में कमी के कारण कृषि उत्पादन बढ़ाने के लिए शस्य गहनता महत्वपूर्ण है।

शस्य गहनता को प्रभावित करने वाले कारक

सिंचाई, उर्वरक, उन्नत बीज, मशीनों का उपयोग, कीटनाशक तथा फसल का उचित मूल्य।

4कृषि के प्रकार

① प्रारंभिक जीविका कृषि
पारंपरिक औजारों और पुराने तरीकों से खेती की जाती है। जंगल काटकर कुछ समय तक खेती करना और फिर दूसरी जगह चले जाना स्थानांतरी कृषि कहलाता है।
② गहन जीविका कृषि
जहाँ जनसंख्या का दबाव अधिक होता है, वहाँ कम भूमि में अधिक उत्पादन प्राप्त करने का प्रयास किया जाता है। बिहार और पश्चिम बंगाल इसके प्रमुख उदाहरण हैं।
③ वाणिज्यिक कृषि
फसलों को मुख्यतः बाजार में बेचने के उद्देश्य से उगाया जाता है। इसमें आधुनिक मशीनों, उन्नत बीज, रासायनिक खाद और अधिक पूँजी का प्रयोग होता है।

5भारत की प्रमुख फसल ऋतुएँ

🌾 रबी फसल
बुआई: अक्टूबर–दिसंबर
कटाई: अप्रैल–जून
फसलें: गेहूँ, जौ, चना, मटर, मसूर, सरसों।
🌧️ खरीफ फसल
बुआई: जून–जुलाई
कटाई: सितंबर–अक्टूबर
फसलें: धान, ज्वार, बाजरा, मक्का, मूँगफली, जूट, कपास, सोयाबीन, अरहर।
☀️ जायद फसल
बुआई: मार्च–अप्रैल
कटाई: मई–जून
फसलें: तरबूज, खरबूज, खीरा, ककड़ी, कद्दू, मक्का और सब्जियाँ।

6🍚 प्रमुख खाद्य फसलें

चावल (धान)

चावल भारत की प्रमुख खाद्य फसल है। भारत विश्व में चावल के प्रमुख उत्पादक देशों में शामिल है।

अनुकूल तापमान: 24°C–27°C
वर्षा: 125–200 सेमी
मिट्टी: चिकनी दोमट
प्रमुख राज्य: पश्चिम बंगाल, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश

प्रमुख फसलें: अमन, औस और बोरो।

गेहूँ

गेहूँ भारत की दूसरी महत्वपूर्ण खाद्य फसल और प्रमुख रबी फसल है।

बुआई तापमान: 10°C–15°C
पकने का तापमान: 20°C–30°C
वर्षा: 50–75 सेमी
मिट्टी: दोमट मिट्टी

प्रमुख राज्य: पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान।

मक्का

मक्का मनुष्य के भोजन तथा पशुओं के चारे दोनों के रूप में उपयोगी है। तापमान 21°C–27°C और वर्षा 50–100 सेमी उपयुक्त मानी गई है। प्रमुख उत्पादक—बिहार, उत्तर प्रदेश और कर्नाटक।

मोटे अनाज

ज्वार: महाराष्ट्र प्रमुख उत्पादक। बाजरा: गुजरात और राजस्थान। रागी: कर्नाटक।

दलहन

दलहन मानव शरीर को प्रोटीन प्रदान करते हैं। प्रमुख दलहन—अरहर, उड़द, मूँग, मसूर, मटर और चना। खरीफ: अरहर, मूँग, उड़द। रबी: चना, मटर, मसूर। राष्ट्रीय दाल विकास कार्यक्रम 1986–87 में शुरू किया गया।

7🌻 तिलहन

तिलहन से खाद्य तेल प्राप्त किया जाता है। प्रमुख तिलहन—मूँगफली, सरसों, नारियल, तिल, सोयाबीन और सूरजमुखी।

फसलप्रमुख उत्पादक क्षेत्र/राज्य
मूँगफलीगुजरात और आंध्र प्रदेश
सरसोंराजस्थान
सोयाबीनमध्य प्रदेश और महाराष्ट्र

8☕ पेय फसलें

चाय

चाय एक प्रमुख रोपण कृषि की फसल है। इसके लिए 20°C–30°C तापमान, 150 सेमी से अधिक वर्षा, ढालू भूमि तथा अच्छी जल निकासी वाली मिट्टी उपयुक्त है। प्रमुख क्षेत्र—असम की ब्रह्मपुत्र घाटी, दार्जिलिंग, नीलगिरि पहाड़ियाँ और केरल। दार्जिलिंग की चाय अपनी सुगंध के लिए प्रसिद्ध है।

कॉफी

कॉफी एक झाड़ी के फलों के बीजों से प्राप्त होती है। इसकी प्रमुख किस्में अरेबिका, लिबेरिका और रोबस्टा हैं। भारत में कॉफी का प्रमुख उत्पादक राज्य कर्नाटक है।

9🧵 रेशेदार फसलें

कपास

कपास सूती वस्त्र उद्योग के लिए प्रमुख कच्चा माल है। यह मुख्यतः दक्कन की काली मिट्टी में अच्छी होती है। तापमान लगभग 21°C, वर्षा लगभग 100 सेमी और गहरी काली मिट्टी इसके लिए अनुकूल हैं। प्रमुख राज्य—महाराष्ट्र, गुजरात, आंध्र प्रदेश और पंजाब।

जूट

जूट को “सुनहरा रेशा” कहा जाता है। इससे रस्सी, चटाई और बोरे बनाए जाते हैं। 20°C–30°C तापमान, 200 सेमी से अधिक वर्षा और जलोढ़ दोमट मिट्टी अनुकूल हैं। प्रमुख राज्य—पश्चिम बंगाल, बिहार, असम, ओडिशा और मेघालय।

10🍊 बागबानी एवं रबर

फल, सब्जियाँ, औषधीय पौधे और मसाले आदि बागबानी फसलें कहलाती हैं। भारत में विभिन्न प्रकार के फलों, सब्जियों और मसालों का उत्पादन किया जाता है। भारत काजू के प्रमुख निर्यातक देशों में शामिल है।

रबर: रबर एक प्रमुख बागानी फसल है। भारत में इसकी खेती केरल और अन्य उष्ण एवं आर्द्र क्षेत्रों में की जाती है। प्रमुख उत्पादक राज्य—केरल।

11📉 भारतीय कृषि की निम्न उत्पादकता

भारतीय कृषि की निम्न उत्पादकता के प्रमुख कारण हैं—जनसंख्या का दबाव, छोटे खेत, मानसून पर निर्भरता, सिंचाई की कमी, आधुनिक तकनीक का कम उपयोग, उचित मूल्य का अभाव और कम पूँजी निवेश।

जनसंख्या का दबाव
बढ़ती जनसंख्या के कारण खेत छोटे होते जा रहे हैं।
मानसून पर निर्भरता
अनियमित वर्षा से फसल प्रभावित होती है।
सिंचाई की कमी
सभी क्षेत्रों में पर्याप्त सिंचाई सुविधा उपलब्ध नहीं है।
तकनीक और पूँजी
कई क्षेत्रों में आधुनिक तकनीक और पर्याप्त निवेश का अभाव है।

12🌱 हरित क्रांति

1960 के दशक में उन्नत बीज, रासायनिक खाद, सिंचाई और आधुनिक कृषि तकनीकों के प्रयोग से कृषि उत्पादन में हुई तेज वृद्धि को हरित क्रांति कहा जाता है।

उन्नत बीजों का प्रयोग।
सिंचाई का विस्तार।
रासायनिक उर्वरकों का उपयोग।
कृषि मशीनों का प्रयोग।
💡 महत्वपूर्ण: हरित क्रांति का सबसे अधिक प्रभाव गेहूँ के उत्पादन में देखा गया, विशेषकर पंजाब और हरियाणा में।

13🌍 भूमंडलीकरण और भारतीय कृषि

भूमंडलीकरण का अर्थ है भारतीय अर्थव्यवस्था को विश्व अर्थव्यवस्था से जोड़ना। 1990 के बाद उदारीकरण और भूमंडलीकरण की नीतियों से कृषि में नई तकनीकों और विश्व बाजार की भूमिका बढ़ी।

उन्नत तकनीक का उपयोग बढ़ा।
व्यापारिक फसलों को बढ़ावा मिला।
किसानों को विश्व बाजार में प्रतिस्पर्धा करनी पड़ रही है।
कृषि उत्पादों के लिए नए बाजार उपलब्ध हुए।

14🍚 खाद्य सुरक्षा और कृषि-पशुपालन

गरीबी और भुखमरी से निपटने के लिए सरकार ने खाद्य सुरक्षा प्रणाली विकसित की है। इसके दो प्रमुख अंग हैं—

① बफर स्टॉक
सरकार द्वारा भविष्य की आवश्यकता के लिए अनाज का भंडार रखा जाता है।
② जन वितरण प्रणाली (PDS)
राशन की दुकानों के माध्यम से आवश्यक खाद्यान्न अपेक्षाकृत कम कीमत पर उपलब्ध कराया जाता है।

कृषि के साथ पशुपालन, मछली पालन और वानिकी भी प्राथमिक क्रियाओं का हिस्सा हैं। भारत में विशाल पशुधन पाया जाता है। पशुपालन ग्रामीण अर्थव्यवस्था और किसानों की आय का महत्वपूर्ण आधार है।

📌 महत्वपूर्ण परिभाषाएँ

शब्दअर्थ
शस्य गहनताएक ही भूमि पर एक वर्ष में एक से अधिक बार फसल उगाना।
हरित क्रांतिउन्नत बीज, खाद, सिंचाई और आधुनिक तकनीक से कृषि उत्पादन में हुई तेज वृद्धि।
रोपण कृषिबड़े बागानों में मुख्यतः एक ही फसल की व्यापारिक खेती।
स्थानांतरी कृषिएक स्थान पर कुछ समय खेती करने के बाद दूसरी जगह जाकर खेती करना।
बफर स्टॉकसरकार द्वारा भविष्य की आवश्यकता के लिए रखा गया खाद्यान्न भंडार।
नकदी फसलबाजार में बेचकर आय प्राप्त करने के उद्देश्य से उगाई जाने वाली फसल।

15🎯 परीक्षा अभ्यास

💡 पहले स्वयं उत्तर सोचें — फिर प्रश्न पर क्लिक करके उत्तर देखें।
एक समय में केवल एक उत्तर खुलेगा। उत्तर छिपाने के लिए उसी प्रश्न पर दोबारा क्लिक करें।

अति लघु उत्तरीय प्रश्न

1भारत की प्रमुख रबी फसल कौन-सी है?
उत्तर:गेहूँ।
2भारत की प्रमुख खरीफ खाद्य फसल कौन-सी है?
उत्तर:धान।
3जूट को किस नाम से जाना जाता है?
उत्तर:सुनहरा रेशा।
4कपास के लिए कौन-सी मिट्टी उपयुक्त है?
उत्तर:गहरी काली मिट्टी।
5कॉफी का प्रमुख उत्पादक राज्य कौन-सा है?
उत्तर:कर्नाटक।
6रागी का प्रमुख उत्पादक राज्य कौन-सा है?
उत्तर:कर्नाटक।
7ज्वार का प्रमुख उत्पादक राज्य कौन-सा है?
उत्तर:महाराष्ट्र।
8सरसों का प्रमुख उत्पादक राज्य कौन-सा है?
उत्तर:राजस्थान।
9हरित क्रांति का सबसे अधिक प्रभाव किस फसल पर पड़ा?
उत्तर:गेहूँ के उत्पादन पर।
10बफर स्टॉक क्या है?
उत्तर:सरकार द्वारा भविष्य की आवश्यकता के लिए रखा गया खाद्यान्न भंडार।
11PDS का पूरा नाम क्या है?
उत्तर:जन वितरण प्रणाली (Public Distribution System)।
12शस्य गहनता क्या है?
उत्तर:एक ही भूमि पर एक वर्ष में एक से अधिक बार फसल उगाना।
13जायद फसल की बुआई सामान्यतः कब होती है?
उत्तर:मार्च से अप्रैल।
14चाय किस प्रकार की कृषि की प्रमुख फसल है?
उत्तर:रोपण कृषि।
15दलहन मानव शरीर को मुख्यतः कौन-सा पोषक तत्व प्रदान करते हैं?
उत्तर:प्रोटीन।
16भारत के दो सबसे महत्वपूर्ण अनाजों के नाम बताइए।
उत्तर:चावल और गेहूँ।
17भारत में कौन से तीन प्रमुख मोटे अनाज उगाए जाते हैं?
उत्तर:ज्वार, बाजरा और रागी।
18भारत की तीन नकदी फसलों के नाम बताइए।
उत्तर:कपास, जूट और गन्ना।
19भारत की सबसे प्रमुख पेय फसल कौन-सी है?
उत्तर:चाय।
20नकदी फसल और रोपण फसल में अंतर बताइए।
उत्तर:नकदी फसल मुख्यतः बाजार में बेचकर आय प्राप्त करने के लिए उगाई जाती है। रोपण कृषि बड़े बागानों में मुख्यतः एक ही फसल की व्यापारिक खेती है।
21व्यापारिक कृषि और निर्वाहक कृषि में अंतर बताइए।
उत्तर:व्यापारिक कृषि में उत्पादन मुख्यतः बाजार में बिक्री के लिए किया जाता है, जबकि निर्वाहक कृषि में उत्पादन का प्रमुख उद्देश्य किसान और उसके परिवार की आवश्यकताओं की पूर्ति होता है।
22मानसून के आरंभ में बोई और शरद ऋतु में काटी जाने वाली फसल को क्या कहते हैं?
उत्तर:खरीफ फसल।
23वर्षा के पश्चात जाड़े में बोई और वसंत में काटी जाने वाली फसलें क्या कहलाती हैं?
उत्तर:रबी फसलें।
24भूमि जिसे खेती करके छोड़ दिया गया हो ताकि उर्वरता लौट सके, उसे क्या कहते हैं?
उत्तर:परती भूमि।
25कारखाने के उत्पादन से मिली-जुली वैज्ञानिक तथा व्यापारिक ढंग से की जाने वाली एक फसली खेती क्या कहलाती है?
उत्तर:रोपण कृषि।

लघु उत्तरीय प्रश्न

1भारत में उपजने वाली दो खाद्य, नकदी एवं रेशेवाली फसलों के नाम लिखिए।
उत्तर:खाद्य फसलें—चावल और गेहूँ; नकदी फसलें—गन्ना और कपास; रेशेवाली फसलें—कपास और जूट।
2उपर्युक्त फसलों का उत्पादन करने वाले दो प्रमुख राज्यों का नाम लिखिए।
उत्तर:उदाहरण के लिए चावल—पश्चिम बंगाल और आंध्र प्रदेश; गेहूँ—पंजाब और उत्तर प्रदेश; कपास—महाराष्ट्र और गुजरात; जूट—पश्चिम बंगाल और बिहार।
3भारत में उपजाए जाने वाले वर्षाधीन फसलों के नाम लिखिए।
उत्तर:वर्षा पर अधिक निर्भर फसलों में धान, ज्वार, बाजरा, मक्का, अरहर आदि प्रमुख हैं।
4शुद्ध राष्ट्रीय उत्पाद में कृषि के योगदान की चर्चा कीजिए।
उत्तर:कृषि खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने के साथ कृषि आधारित उद्योगों को कच्चा माल देती है, ग्रामीण रोजगार प्रदान करती है तथा निर्यात के माध्यम से विदेशी मुद्रा अर्जित करने में योगदान करती है।
5भारतीय कृषि की निम्न उत्पादकता के कारणों को संक्षेप में लिखिए।
उत्तर:छोटे खेत, जनसंख्या का दबाव, मानसून पर निर्भरता, सिंचाई की कमी, आधुनिक तकनीक का कम उपयोग, उचित मूल्य का अभाव और कम पूँजी निवेश प्रमुख कारण हैं।
6हरित क्रांति से आप क्या समझते हैं?
उत्तर:उन्नत बीज, सिंचाई, रासायनिक उर्वरक और आधुनिक कृषि तकनीकों के प्रयोग से कृषि उत्पादन में हुई तेज वृद्धि को हरित क्रांति कहा जाता है।
7भारतीय कृषि की पाँच प्रमुख विशेषताओं को लिखिए।
उत्तर:कृषि पर बड़ी आबादी की निर्भरता, मानसून का प्रभाव, छोटे और बिखरे खेत, फसलों की विविधता तथा कृषि आधारित उद्योगों के लिए कच्चे माल की उपलब्धता इसकी प्रमुख विशेषताएँ हैं।
8भारत में उगाए जाने वाले प्रमुख खाद्य एवं व्यावसायिक फसलों के नाम लिखिए।
उत्तर:खाद्य फसलों में चावल, गेहूँ और मक्का प्रमुख हैं। व्यावसायिक फसलों में कपास, जूट, गन्ना, चाय, कॉफी और रबर प्रमुख हैं।

कारण बताइए

1कपास की खेती दक्कन प्रदेश की काली मिट्टी में अधिकांशतः क्यों होती है?
उत्तर:काली मिट्टी में नमी रोकने की क्षमता अधिक होती है और यह कपास के लिए अनुकूल मानी जाती है।
2गन्ने की उपज उत्तरी भारत की अपेक्षा दक्षिण भारत में अधिक क्यों होती है?
उत्तर:दक्षिण भारत के कई क्षेत्रों में अपेक्षाकृत अनुकूल उष्ण जलवायु और लंबी वृद्धि अवधि गन्ने के लिए सहायक होती है।
3भारत कपास का आयात एवं निर्यात दोनों क्यों करता है?
उत्तर:कपास की अलग-अलग गुणवत्ता और घरेलू उद्योग की अलग-अलग आवश्यकताओं के कारण भारत कुछ प्रकार की कपास का आयात तथा उपलब्ध अधिशेष या विशेष गुणवत्ता की कपास का निर्यात करता है।
4भारत विश्व का एक अग्रणी चाय निर्यातक देश क्यों है?
उत्तर:भारत में चाय की खेती के लिए उपयुक्त जलवायु और क्षेत्र उपलब्ध हैं तथा असम और दार्जिलिंग जैसी प्रसिद्ध चाय उत्पादक पट्टियाँ उच्च गुणवत्ता की चाय देती हैं।

दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

1भारत की प्रमुख फसल ऋतुओं का वर्णन करते हुए उनकी प्रमुख फसलों के नाम लिखिए।
उत्तर:

भारत में मुख्यतः रबी, खरीफ और जायद तीन फसल ऋतुएँ हैं। रबी फसलें सामान्यतः अक्टूबर से दिसंबर में बोई और अप्रैल से जून में काटी जाती हैं; गेहूँ, जौ, चना, मटर और सरसों प्रमुख हैं। खरीफ फसलें जून से जुलाई में बोई और सितंबर से अक्टूबर में काटी जाती हैं; धान, ज्वार, बाजरा, मक्का, कपास, जूट और सोयाबीन प्रमुख हैं। जायद फसलें रबी और खरीफ के बीच मार्च-अप्रैल में बोई जाती हैं; तरबूज, खरबूज, खीरा और सब्जियाँ प्रमुख हैं।

2भारतीय कृषि की निम्न उत्पादकता के प्रमुख कारणों का विस्तार से वर्णन कीजिए।
उत्तर:

भारतीय कृषि में छोटे और बिखरे खेत, बढ़ती जनसंख्या का दबाव, मानसून पर निर्भरता, सिंचाई की कमी, आधुनिक तकनीक का सीमित उपयोग, किसानों के पास कम पूँजी तथा कई बार उपज का उचित मूल्य न मिलना उत्पादकता को प्रभावित करते हैं। सिंचाई, उन्नत बीज, मशीनरी, वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों और उचित बाजार व्यवस्था के विस्तार से उत्पादकता बढ़ाई जा सकती है।

3भारतीय कृषि में हरित क्रांति के महत्व की व्याख्या कीजिए।
उत्तर:

हरित क्रांति ने उन्नत बीजों, सिंचाई, उर्वरकों और कृषि मशीनों के प्रयोग को बढ़ावा दिया। इससे विशेष रूप से गेहूँ के उत्पादन में तेज वृद्धि हुई और भारत की खाद्य सुरक्षा मजबूत हुई। इसके प्रभाव को पंजाब और हरियाणा जैसे राज्यों में विशेष रूप से देखा गया।

4भारत में खाद्य सुरक्षा के लिए बफर स्टॉक और जन वितरण प्रणाली की भूमिका समझाइए।
उत्तर:

बफर स्टॉक के माध्यम से सरकार भविष्य की आवश्यकता और आपात परिस्थितियों के लिए खाद्यान्न सुरक्षित रखती है। जन वितरण प्रणाली के माध्यम से राशन की दुकानों पर आवश्यक खाद्यान्न अपेक्षाकृत कम कीमत पर उपलब्ध कराया जाता है। दोनों मिलकर गरीब और जरूरतमंद लोगों तक खाद्यान्न पहुँचाने में सहायता करते हैं।

5भारत की प्रमुख खाद्य, पेय और रेशेदार फसलों की अनुकूल दशाओं तथा प्रमुख उत्पादक राज्यों का वर्णन कीजिए।
उत्तर:

चावल के लिए गर्म जलवायु, पर्याप्त वर्षा और चिकनी दोमट मिट्टी उपयुक्त है; पश्चिम बंगाल, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु और उत्तर प्रदेश प्रमुख राज्य हैं। गेहूँ के लिए ठंडी बुआई अवधि और मध्यम वर्षा उपयुक्त है; पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान प्रमुख हैं। चाय के लिए गर्म और आर्द्र जलवायु तथा अच्छी जल निकासी वाली ढालू भूमि उपयुक्त है; असम, दार्जिलिंग, नीलगिरि और केरल प्रमुख क्षेत्र हैं। कपास के लिए दक्कन की काली मिट्टी अनुकूल है; महाराष्ट्र, गुजरात, आंध्र प्रदेश और पंजाब प्रमुख हैं। जूट के लिए गर्म-आर्द्र जलवायु और जलोढ़ मिट्टी उपयुक्त है; पश्चिम बंगाल, बिहार, असम, ओडिशा और मेघालय प्रमुख हैं।

📚 Self Study Tip

इस इकाई को पाँच चरणों में दोहराएँ—(1) कृषि और उसके प्रकार, (2) रबी-खरीफ-जायद, (3) प्रमुख फसलें और उत्पादक राज्य, (4) कृषि की समस्याएँ और हरित क्रांति, (5) भूमंडलीकरण और खाद्य सुरक्षा। पहले तालिकाएँ याद करें, फिर अभ्यास प्रश्न बिना उत्तर देखे हल करें।

इकाई का सार

कृषि भारत की अर्थव्यवस्था और ग्रामीण जीवन का महत्वपूर्ण आधार है। भारत में विभिन्न जलवायु और मिट्टी के कारण अनेक प्रकार की फसलें उगाई जाती हैं। रबी, खरीफ और जायद फसल ऋतुओं के साथ खाद्य, दलहन, तिलहन, पेय, रेशेदार और बागबानी फसलों का विशेष महत्व है। कृषि की निम्न उत्पादकता को दूर करने में सिंचाई, आधुनिक तकनीक और हरित क्रांति की भूमिका रही है। खाद्य सुरक्षा के लिए बफर स्टॉक और जन वितरण प्रणाली महत्वपूर्ण हैं।

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